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  • अति उत्तम,अति उत्साहवर्धन होने वाला संगीत। जहाँ भारत मे रहने वाले लोग हमारी संस्कृति को भुलाकर विदेशी संस्कृति अपना रहे है वहा आप विदेश में जाकर हमारी संस्कृति के अनुरूप कार्यक्रम कर रहे है। मैं नमन करता हू प्रातः स्मर्णीय महाकवि गुलाबजी को जिन्होंने विदेश में जाकर अपने अन्तिम सांस तक अपने देश की संस्कृति व परम्परा को बनाए रखते हुए अपनी कलम से जो लिख दिया वह वन्दनीय हैं, अनुकरणीय हैं। मैं महाकवि के पूरे परिवार को भी नमन करता हू जो आज भी उनके बताए मार्ग का अनुकरण कर रहा है। नमस्कार,ऐसे कार्यक्रम आयोजन… Geet & Ghazal Program (Poems of Poet Gulab Khandelwal) 2020 96th BirthdayShriRam Soni, KolkataMar 14, 04:24