guliver ki chauthi yatra

मोमबत्ती

मोमबत्ती जो खुद को गला के जलती है
बिजली का बल्ब देखके कर मलती है
फिर सोचती, क्या जीना पराये दम पर !
है ज्योति वही दिल से जो निकलती है