jyon ki tyon dhar deeni chadariya

तटस्थ

मौन हो जो अनीति सहते हैं
धर्म-रण में! तटस्थ रहते हैं
हों भले धीर, गुणी, ज्ञानी वे
हम तो कायर ही उन्हें कहते हैं