usar ka phool

आधा-आधा चित्र उतरता है

 

अरुण अधर अधखुले, अर्धस्मित

पलक अधखुली, चितवन अलसित

आधा मुख अलकों से चुंबित

आधा वक्ष छिपा अंचल में झिलमिल करता है

 

खिड़की भी है खुली न पूरी

रूप-अरूप अर्ध है दूरी

सम्मुख कविता पड़ी अधूरी

नयनों में सुख-सपना आधा रूप सँवरता है

 

आधी प्रीति, रोष है आधा

आधा मन, आधी है बाधा

आधा मोहन, आधी राधा

आधी में चंचलता, आधी में सुन्दरता है

 

आधा-आधा चित्र उतरता है

1941