गुलाब-ग्रन्थावली, तृतीय खंड_Gulab Granthavali Vol-3

  1. सीपी-रचित रेत
  2. मेरे भारत, मेरे स्वदेश
  3. रूप की धूप
  4. सौ गुलाब खिले
  5. पँखुरियाँ गुलाबकी
  6. कुछ और गुलाब
  7. हर सुबह एक ताज़ा गुलाब