गुलाब ग्रन्थावली, प्रथम खंड, भाग दो_Gulab Granthavali Volume 1 Part 2

  1. कितने जीवन, कितनी बार
  2. तिलक करें रघुबीर
  3. तुझे पाया अपने को खोकर
  4. नहीं विराम लिया है
  5. नाव सिन्धु में छोड़ी
  6. बिखरे फूल
  7. सब कुछ कृष्णार्पणम्‌
  8. हम तो गाकर मुक्त हुये