गुलाब ग्रन्थावली पंचम खंड_Gulab Granthavali Volume 5

  1. दिया जग को तुझसे जो पाया
  2. मेरे गीत तुम्हारा स्वर हो
  3. ज्यों की त्यों धर दीनी चदरिया
  4. कागज की नाव
  5. अनबिंधे मोती
  6. मेरी उर्दू ग़ज़लें
  7. The Evening Rose