ज्यों की त्यों धर दीनी चदरिया_Jyon Ki Tyon Dhar Deeni Chadariya

  1. अब तो साध यही है मन की
  2. अहम् त्वां – दिल में पहले सी
  3. आत्मविश्वास – वाद की धुन पर नाचनेवाले
  4. आस्था – बुरा-भला, कटु-मधुर
  5. कवि – राजनीतिग्य नहीं तू
  6. कृपा – मैंने कवितायें भी लिखी हों
  7. गये सभी जो आये
  8. घोर दुखमय हो यहाँ
  9. छोड़ दे उस पर निर्णय सारा
  10. जीवन – ज़िंदगी फूल भी है
  11. झेलना ही होगा संताप
  12. तटस्थ – मौन हो जो
  13. नहीं भी जग तेरी जय बोले
  14. निराशा – अंधों को श्रृंगार
  15. प्रभु का यह प्रसाद है, भाई !
  16. प्रार्थना – व्यर्थ संग्रह समस्त
  17. बंधन – भूमि आकाश नाप
  18. भक्ति रहित ज्ञान
  19. भक्तिगीत – ज्ञान से ध्यान
  20. भाग्य से माना कुछ न चली
  21. भूल करके भी हूँ बड़भागी
  22. मंगलाचरण
  23. मन रे ! क्यों तू सोच करे !
  24. मैं – शोक, भय, काम
  25. मैं रहूँ न जब तुम पर है, झुके न स्वामी !
  26. मोह यदि नहीं स्वयं का छूटे
  27. यह जग जगपति का सपना है
  28. याद कर उस मोहक सपने को
  29. रसूल – रसूल आये थे
  30. लगन सच्ची यदि तेरे मन की
  31. वार्धक्य – आज यह कैसा
  32. विष की व्यथा भुला दे मन से
  33. शब्द – भाव को प्राण
  34. शब्दों की असमर्थता
  35. सांत्वना – काल के बाण क्या
  36. क्षमा याचना – हो मिलन न प्रियजन से
  37. Was it only a light Divine