कागज की नाव_Kagaz Ki Naao

  1. अहं का मोह न छोडूँ, स्वामी
  2. आयु क्या निष्फल ही बीती है !
  3. कागज़ की नाव
  4. कोई आये या मत आये
  5. कोई झरना इस मरुथल में फूटेगा
  6. कोई मत पढ़े, मत सुने
  7. क्या परिचय दूँ अपना !
  8. क्यों वह मेरे निकट न आया !
  9. क्षीण हो रही काव्य की धारा
  10. भले ही चाँद_ग़ज़ल
  11. चल खुसरो
  12. चुरा चित् अब कैसे वह भागे !
  13. छूटते जाते पथ पर संगी
  14. तुझे यह कैसी चिंता खाये !
  15. तू क्यों यश के पीछे भागे !
  16. दुखों के आतप से तप-तपकर
  17. न छूटे यह श्रद्धा की डोर
  18. न छोडूँ, पकड़ लिये जो चरण
  19. नाथ !अच्छी चाकरी बतायी !
  20. नाव कागज़ की भी है मेरी
  21. प्रतीक्षा कब तक और करे !
  22. प्रेम जो अंतर में छाया है
  23. फुटकर
  24. मुक्तक
  25. मुझे तो लड़ते ही जाना है
  26. मेरी तो बस यही कमाई
  27. मेरे शब्द
  28. मैंने जब-जब ठोकर खायी
  29. मैंने मन की हर जिद मानी
  30. रची, प्रभु ! यह कैसी फुलवारी
  31. व्यर्थ भी हो सब लिखा-लिखाया
  32. शब्दों से ही सब कुछ पाया
  33. सँभाला तेरी ही करुणा ने