Ek Chandrabimb Thahra Huwa

  1. अकेले गाते रहने में गायक को 
  2. अप्राप्ति की अनुभूति में भी 
  3. उडती हुई गुलाब की कुछ पँखुरियों को 
  4. एक लहर तीर से लिपट कर बोली 
  5. ओ निष्ठुर ! 
  6. क्या फूल को मुट्ठी में लेकर तबतक मसलते जाना है 
  7. क्या मैंने तुम्हारे नाम को 
  8. कितना अच्छा होता 
  9. चाँद को झील के बाहर निकलना चाहिए 
  10. चिड़िया की चहक ने चौंका दिया 
  11. चुक जाने की समस्या तो 
  12. जब तक नंगे पावों 
  13. जब समय था 
  14. जब सृष्टि की रचना करते-करते 
  15. जितने फूल पूजा में चढ़ाये जाते हैं 
  16. जो लहर तट को छुए बिना लौट जाती है 
  17. तुम्हारी सुगंध से भीनी साँसें  
  18. तुम्हारे उपालम्भों के उत्तर में 
  19. तुम्हारे जूड़े से गिरा हुआ लाल गुलाब 
  20. तुम्हारे प्रति अपने ह्रदय की निर्मल भावना
  21. तेरी दी हुई माला 
  22. दर्द यहाँ भी है 
  23. दुहराने से नहीं ऊबना है 
  24. न तो मैं तेरी रूप माधुरी 
  25. नारी एक ऐसा गीत है 
  26. प्रवृतियाँ हमारी बाधक क्यों हैं 
  27. प्रेम, भोग में नहीं 
  28. प्रेम वह हीरा है 
  29. फूल अपने रंग-रूप पर कितना भी गुमान करे 
  30. बर्फ की सफेद चादर के नीचे भी 
  31. भले ही मेरी अंजलि का फूल  
  32. भाषा में क्या रखा है 
  33. मन में एक मीठा दर्द उठता है 
  34. माना कि आज 
  35. माना कि हम एक नहीं हो सकते 
  36. मुस्कान ही मुस्कान,  
  37. मेरे आँगन में एक शिशु 
  38. मेरी बाँसुरी से अब जो स्वर फूटते हैं 
  39. मैं कल्पनाओं में जी रहा हूँ 
  40. मैंने प्रेम के पथ पर तो पाँव दे दिए 
  41. मैंने हजारों रँग के धागे 
  42. मैं पीड़ा को ही प्रसाद समझ लूँगा 
  43. मैं बाज सा आकाश पर उड़ जाना 
  44. यह कैसी विडंबना है 
  45. यह जानकर क्या होगा 
  46. यह सही है  
  47. यह सोचकर 
  48. रातभर वर्षा हुई है 
  49. रूप देखा तो जा सकता है 
  50. रूप वही है 
  51. लगता है हमारे बीच 
  52. वे पद चिन्ह मिट चुके हैं 
  53. वैराग्य के सभी सूत्र मैंने घोट डाले  
  54. विदा के समय 
  55. विदा के अंतिम दिन 
  56. शक्ति, समृद्धि और कीर्ति 
  57. सारी रात आरकेस्ट्रा की धुन पर 
  58. हमने नायक-नायिका का अभिनय 
  59. हमें साथ-साथ रहते कितने दिन हुए ! 
  60. हवा मंद-मंद बहती है