अहल्या_Ahalya

  1. प्रथम खंड_मैं कौन? कहाँ से तिर आयी हिम-कणिका-सी ! 
  2. प्रथम खंड_क्रमश: तारक द्युतिहीन, लीन स्वर-मधुप-वृन्द   
  3. प्रथम खंड_’अंतर की अकलुष स्नेह-वृत्ति कब हुई मृषा!
  4. प्रथम खंड_यों ही जीवन के बीते कितने संवत्सर
  5. प्रथम खंड_पगध्वनि सहसा, भुजबंधन-से खुल गये द्वार
  6. द्वितीय खंड_भावी का धनुष-भंग, सीता-राघव-विवाह
  7. द्वितीय खंड_कुछ क्षण रुक बोले मुनि फिर नृप का देख चाव
  8. द्वितीय खंड_दिख पड़ी सामने सरयू निर्मल पुण्य-पाथ
  9. द्वितीय खंड_गुण-शील-रूप-व्रत एक, राम-प्रतिछवि ललाम
  10. द्वितीय खंड_हो गया ढेर पल में सुबाहु-मुख-बाहु-हीन
  11. द्वितीय खंड_लौटे मुनिगण करते दिशि-दिशि प्रभु-यशोगान